Saturday, 19 November 2016

Benefit of Sunbath in Winter


सर्दियों में गुनगुनी धूप लेने से होंगे 5 फायदे
  
दोस्तों जैसे की आप जानते ही है की सर्दियों का मौसम आने वाला है और इन सर्दियों के मौसम मे धूप किसको अच्छी नहीं लगती सर्दियों के मौसम में गुनगुनी धूप लेने का अपना ही मजा है। यह न केवल आपके ठंडे मौसम में गर्माहट देती है बल्कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाती है।
सर्दियों में गुनगुनी धूप लेने के यह 5 शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ
1 सर्दी के मौसम में धूप लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है, कि यह ठंडे-ठंडे मौसम में आपके शरीर को गर्माहट देती है और आपको सर्दी की अ‍कड़न से बचाती है। धूप लेने के बाद इन दिनों में आपकी कार्यक्षमता में इजाफा होता है। 
2  धूप में बैठने से आपको भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलता है, जो आपकी हड्ड‍ियों के विकास के लिए जरूरी है। इसके आलावा जोड़ों के दर्द और ठंड के कारण होने वाले शारीरिक दर्द में भी आराम मिलता है। 
3 नींद न आने की समस्या होने पर प्रतिदिन कुछ देर धूप में बैठना बेहद फायदेमंद होता है। इससे आपका दिमाग भी तनाव मुक्त होता है और रात को नींद भी अच्छी आती है। नींद के लिए यह रामबाण उपाय है।  
4 शरीर के किसी हिस्से पर होने वाले फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए भी धूप लेना काफी फायदेमंद है। नमी के कारण होने वाले कीटाणुओं के संक्रमण को रोकने में धूप कारगर होती है।  
5 धूप में बैठना शरीर खून जमने की प्रक्रिया को रोकता है और रक्तसंचार को बेहतर करता है। साथ ही डाइबिटीज और हृदय संबंधी रोगों में भी धूप लेना लाभकारी होता है। 

Thursday, 17 November 2016

Don't Use The Refined Oil

रिफाइंड तेल का पूरा सत्य जरूर पढ़ें 


मित्रो क्या आपने कभी विचार नहीं किया ?

कि आखिर जिस Refined तेल से आप अपनी और अपने छोटे बच्चों की मालिश नहीं कर सकते , जिस Refined को आप बालों मे नहीं लगा सकते , आखिर उस हानिकारक Refined तेल को कैसे खा लेते हैं ?

2 मिनट समय देकर Refined तेल की पुरी कहानी जरूर पढ़ें ।
मित्रो आज से 50 साल पहले तो कोई रिफाइंड तेल के बारे में जानता नहीं था, ये पिछले 30-35 वर्षों से हमारे देश में आया है | कुछ विदेशी कंपनियों और भारतीय कंपनियाँ इस धंधे में लगी हुई हैं | शुरुवात मे इन्होने चक्कर चलाया और टेलीविजन के माध्यम से जम कर प्रचार किया लेकिन लोगों ने इनकी बात को माना नहीं तब इन्होने डाक्टरों के माध्यम से कहलवाना शुरू किया | डाक्टरों ने अपने प्रेस्क्रिप्सन में रिफाइन तेल लिखना शुरू किया कि तेल खाना तो सफोला का खाना या सनफ्लावर का खाना, ये नहीं कहते कि तेल, सरसों का खाओ या मूंगफली का खाओ, अब क्यों, आप सब समझदार हैं समझ सकते हैं |

रिफाइंड तेल बनता कैसे हैं 

पहले ये जान लीजिये ये रिफाइंड तेल बनता कैसे हैं ? मैंने देखा है और आप भी कभी देख लें तो बात समझ जायेंगे | किसी भी तेल को रिफाइंड करने में 6 से 7 केमिकल का प्रयोग किया जाता है और डबल रिफाइंड करने में ये संख्या 12 -13 हो जाती है | ये सब केमिकल मनुष्य के द्वारा बनाये हुए हैं प्रयोगशाला में, भगवान का बनाया हुआ एक भी केमिकल इस्तेमाल नहीं होता, भगवान का बनाया मतलब प्रकृति का दिया हुआ जिसे हम ओरगेनिक कहते हैं |
तेल को साफ़ करने के लिए जितने केमिकल इस्तेमाल किये जाते हैं सब अजैव (Inorganic) हैं और अजैव (Inorganic) केमिकल ही दुनिया में जहर बनाते हैं और उनका संगठन (combination) जहर के तरफ ही ले जाता है | इसलिए रिफाइंड तेल, डबल रिफाइंड तेल गलती से भी न खाएं |

फिर आप कोन सा तेल इस्तेमाल करें 

फिर आप कहेंगे कि, क्या खाएं ? तो आप शुद्ध तेल खाइए, सरसों का, मूंगफली का, तीसी का, या नारियल का | अब आप कहेंगे कि शुद्ध तेल में बास बहुत आती है और दूसरा कि शुद्ध तेल बहुत चिपचिपा होता है | हमलोगों ने जब शुद्ध तेल पर काम किया या एक तरह से कहे कि रिसर्च किया तो हमें पता चला कि तेल का चिपचिपापन उसका सबसे महत्वपूर्ण घटक है | तेल में से जैसे ही चिपचिपापन निकाला जाता है तो पता चला कि ये तो तेल ही नहीं रहा, फिर हमने देखा कि तेल में जो बास आ रही है वो उसका प्रोटीन कंटेंट है, शुद्ध तेल में प्रोटीन बहुत है, दालों में ईश्वर का दिया हुआ प्रोटीन सबसे ज्यादा है, दालों के बाद जो सबसे ज्यादा प्रोटीन है वो तेलों में ही है, तो तेलों में जो बास आप पाते हैं वो उसका जैविक खाद (Organic Content) है

प्रोटीन के लिए | 4 -5 तरह के प्रोटीन हैं सभी तेलों में, आप जैसे ही तेल की बास निकालेंगे उसका प्रोटीन वाला घटक गायब हो जाता है और चिपचिपापन निकाल दिया तो उसका Fatty Acid गायब | अब ये दोनों ही चीजें निकल गयी तो वो तेल नहीं पानी है, जहर मिला हुआ पानी

रिफाइंड तेल को खाने से क्या नुक्सान हो सकता है 

रिफाइंड तेल के खाने से कई प्रकार की बीमारियाँ होती हैंजैसे की घुटने दुखना, कमर दुखना, हड्डियों में दर्द, ये तो छोटी बीमारियाँ हैं, सबसे खतरनाक बीमारी है, हृदयघात (Heart Attack), पैरालिसिस, ब्रेन का डैमेज हो जाना, आदि, आदि | जिन-जिन घरों में पुरे मनोयोग से रिफाइन तेल खाया जाता है उन्ही घरों में ये समस्या आप पाएंगे, अभी तो मैंने देखा है कि जिनके यहाँ रिफाइंड तेल इस्तेमाल हो रहा है उन्ही के यहाँ Heart Blockage और Heart Attack की समस्याएं हो रही है |


सफोला का तेल लेबोरेटरी में टेस्ट

जब हमने सफोला का तेल लेबोरेटरी में टेस्ट किया, सूरजमुखी का तेल, अलग-अलग ब्रांड का टेस्ट किया तो AIIMS के भी कई डोक्टरों की रूचि इसमें पैदा हुई तो उन्होंने भी इसपर काम किया और उन डोक्टरों ने जो कुछ भी बताया उसको मैं एक लाइन में बताता हूँ क्योंकि वो रिपोर्ट काफी मोटी है और सब का जिक्र करना मुश्किल है, उन्होंने कहा तेल में से जैसे ही आप चिपचिपापन निकालेंगे, बास को निकालेंगे तो वो तेल ही नहीं रहता, तेल के सारे महत्वपूर्ण घटक निकल जाते हैं और डबल रिफाइन में कुछ भी नहीं रहता, वो छूँछ बच जाता है, और उसी को हम खा रहे हैं
तो तेल के माध्यम से जो कुछ पौष्टिकता हमें मिलनी चाहिए वो मिल नहीं रहा है |

तेल के माध्यम से हमें क्या मिल रहा ?

मैं बता दूँ पहले आप ये जान लीजिये चिकनाहट भी दो तरह की होती है अच्छी चिकनाहट बुरी चिकनाहट । आपके चेहरे पर जो चमक है ,आपके घुटने हिलते डुलते है , आपके हाथ की उँगलियाँ मुड़ती है खुलती है ये सब अच्छी चिकनाहट के कारण है ,

कभी आप कोलोस्ट्रोल चैक करवाने जाएँ तो रिपोर्ट मे आप देखेंगे और डाक्टर आपको कहेगा आपका HDL (High Density Lipoprotein) बढ़ना चाहिए और LDL (LOW Density Lipoprotein) कम होना चाहिए ।
साधारण भाषा मे बोले तो HDL अर्थात अच्छी वाली चिकनाहट और LDL अर्थात गंदी वाली चिकनाहट । ( जो heart मे blockage करती है )
जो कि हमको शुद्ध तेल से मिलता है HDL (High Density Lipoprotein), ये तेलों से ही आता है हमारे शरीर में, वैसे तो ये लीवर में बनता है लेकिन शुद्ध तेल खाएं तब | तो आप शुद्ध तेल खाएं तो आपका HDL अच्छा रहेगा और जीवन भर ह्रदय रोगों की सम्भावना से आप दूर रहेंगे |

 क्या है पामोलिन तेल हम सब क्यों  खा रहें है पामोलिन तेल  

अभी भारत के बाजार में सबसे ज्यादा विदेशी तेल बिक रहा है | मलेशिया नामक एक छोटा सा देश है हमारे पड़ोस में। वहां का एक तेल है जिसे पामोलिन तेल कहा जाता है, हम उसे पाम तेल के नाम से जानते हैं, वो अभी भारत के बाजार में सबसे ज्यादा बिक रहा है, एक-दो टन नहीं, लाखो-करोड़ों टन भारत आ रहा है और अन्य तेलों में मिलावट कर के भारत के बाजार में बेचा जा रहा है |
7 -8 वर्ष पहले भारत में ऐसा कानून था कि पाम तेल किसी दुसरे तेल में मिला के नहीं बेचा जा सकता था लेकिन GATT समझौता और WTO के दबाव में अब कानून ऐसा है कि पाम तेल किसी भी तेल में मिला के बेचा जा सकता है | भारत के बाजार से आप किसी भी नाम का डब्बा बंद तेल ले आइये, रिफाइन तेल और डबल रिफाइन तेल के नाम से जो भी तेल बाजार में मिल रहा है वो पामोलिन तेल है |

और जो पाम तेल खायेगा, मैं स्टाम्प पेपर पर लिख कर देने को तैयार हूँ कि वो ह्रदय सम्बन्धी बिमारियों से मरेगा | क्योंकि पाम तेल के बारे में सारी दुनिया के रिसर्च बताते हैं कि पाम तेल में सबसे ज्यादा ट्रांस-फैट है और ट्रांस-फैट वो फैट हैं जो शरीर में कभी खत्म नहीं होते हैं, किसी भी तापमान पर खत्म नहीं होते और ट्रांस फैट जब शरीर में खत्म नहीं होता है तो वो बढ़ता जाता है और तभी हृदयघात होता है, ब्रेन हैमरेज होता है और आदमी पैरालिसिस का शिकार होता है, डाईबिटिज होता है, ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है |

तो मित्रो अच्छी चिकनाहट) (HDL ) लेने के लिए हमेशा शुद्ध तेल खाएं पहाड़ो मे रहने वाले तिल का तेल सबसे बढ़िया , मैदानी क्षेत्र मे रहने वालों के लिए सरसों का तेल सबसे बढ़िया , और समुन्द्र के पास रहने वालों के लिए नारियल का तेल सबसे बढ़िया । इसके अतिरिक्त मूँगफली आदि का तेल भी प्रयोग कर सकते है ।

ज्यदा जानकारी के लिए  यहाँ click करें ।

Monday, 14 November 2016

Vastu Shastra Tips For Pregnant Women in Hindi

हेल्‍दी प्रेग्‍नेंसी के लिए वास्‍तु टिप्‍स

गर्भावस्‍था किसी भी महिला के जीवन में नए रिश्‍ते की शुरूआत का सबसे अद्भुत सुखद लेकिन नाजुक समय होता है। एक दिल की धड़कन के भीतर एक दिल की धड़कन, एक जीवन के भीतर एक जीवन है, एक नया रिश्ता बनता है, इसलिये प्रेग्नेंट महिलाओं की सेहत का खास ख्याल रखा जाता है। ऐसे में वास्तु की बताई गई कुछ आसान वस्तु इस काम में मददगार साबित हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर कुछ खास चीजें प्रेग्नेंट महिला का रूम में रखी जाए तो महिला और बच्चे दोनों की सेहत ठीक रहती है, साथ ही बच्चा गुणवान बनता है।

आइये जाने क्या है वो चीजे
मोर पंख
मोर पंख भगवान कृष्ण से सम्बंधित है। ऐसे में घर के मंदिर या गर्भवती महिला के कमरे में मोर पंख रखना मां और बच्चे दोनों के लिए अच्छा माना जाता है।
पीले चावल
पीले चावल शुभ संकेत बताते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला के कमरे में पीले चावल रखने से मां और बच्चे पर किसी तरह की नेगेटिविटी का असर नहीं होता है।
भगवान कृष्ण और देवी यशोदा की तस्वीर
गर्भवती महिला के कमरे में भगवान कृष्ण और देवी यशोदा की तस्वीर लगानी चाहिए। तस्वीर को इस तरह लगाएं कि महिला को सुबह उठते ही तस्वीर के दर्शन हो।
गुलाबी रंग की तस्वीर या शो-पीस
गुलाबी रंग ख़ुशी और आनंद का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला के कमरे में इस रंग की कोई बड़ी तस्वीर लगाना या शो-पीस रखना अच्छा होता है।
वास्तु देव की मूर्ति या तस्वीर
कई बार कमरे का गलत वास्तु भी मां-बच्चे के लिए परेशानियों का कारण बन सकता है। कमरे में वास्तु देव की मूर्ति या तस्वीर हो तो इसका असर नहीं पड़ता।
हंसते-मुस्कुराते बच्चों की तस्वीर
गर्भवती महिला के कमरे में हंसते-मुस्कुराते बच्चों की तस्वीर लगाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से बच्चा शांत और हंसमुख स्वभाव का होता है।
तांबे की कोई वस्तु
तांबा बुरी नज़र और नेगेटिविटी को दूर कर पॉजिटिविटी बढ़ाता है। तांबे की वस्तु गर्भवती महिला के कमरे में रखने से वहां पॉज़िटिव एनर्जी बनी रहती है।
सफ़ेद रंग की तस्वीर या शो-पीस
सफ़ेद रंग शांति और अच्छी हेल्थ का प्रतीक माना जाता है। इस रंग की कोई तस्वीर या शो-पीस कमरें में रखने से मां और बच्चे की हेल्थ अच्छी रहती है।

Sunday, 13 November 2016

पुरुषों को सेक्स के दोरान ये चीजें कभी नहीं करनी चाहिए

स्त्री हो या पुरुष खानपान और जीवन शैली का हमारे शरीर पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। जब भी कोई कमजोरी का जिक्र करता है, तब आपने अक्सर बड़े-बुजुर्गों को कहते सुना होगा कि खानपान ठीक करो, कमजोरी अपने आप दूर हो जाएगी स्वस्थ शरीर के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है, लेकिन कुछ ऐसे भोज्य पदार्थ भी होते हैं जिनका मूड पर विपरीत असर पड़ता है। इसीलिए ऐसे भोज्य पदार्थों के बारे में जानना महत्वपूर्ण हो जाता है, जो आपकी कामोत्तेजना को प्राकृतिक रूप से नष्ट करते हैं। ये पदार्थ पुरुषों को कमजोर बना सकते हैं। इसलिए खाने की ऐसी चीजों को पहचान कर अपनी खाने की लिस्ट से बाहर कर दें, जो आपकी ताकत को कम कर सकती है।



आइए जानते हैं ऐसी ही चीजों के बारे में




शराब


शराब से ऐसी रासायनिक क्रिया आरम्भ हो जाती है जो टेस्टोस्ट्रोन के उत्पादन को कम करती है। शराब पीने के बाद आप अच्छा महसूस कर सकते हैं, लेकिन इससे नींद आती है और आप अपने वातावरण के प्रति कम संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसा होना पुरुषों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

पैकिंग फूड


वे पुरुष जो बहुत अधिक पैकिंग फूड का सेवन करते हैं, उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इनकी कोटिंग में कुछ खास किस्म का मेटल इस्तेमाल किया जाता है, जो पुरुषों की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जा सकता है।

जंक फूड

जंकफूड की हाइड्रोजन युक्त वसा टेस्टोस्ट्रोन स्तर को कम करती है और पुरुषों में निम्न गुणवत्ता वाले और असमान्य शुक्राणु उत्पन्न करती है।

कॉर्न फ्लेक्स
कॉर्न फ्लेक्स पुरुषों के लिए नुकसानदायक होता है। इसके अधिक सेवन से सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

सोयाबीन

सोयाबीन में फोटो ईस्ट्रोजेन होते हैं, जो पुरूष सेक्स हार्मोन से प्रतिस्पर्धा करते हैं। इससे पुरूषों में प्रजनन, स्तन विकास और बालों के गिरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

चिप्स

चिप्स पुराने तेल मे तले होने के साथ-साथ उच्च तापमान पर निर्मित किए जाते हैं। इसलिए इन्हें खाना सेहतमंद नहीं होता है। चिप्स आपकी कामोत्तेजना के साथ-साथ आप के शरीर की कोशिकाओं और उतकों को भी नुकसान पहुंचाती है।

मिंट

मिंट भले ही सांस की बदबू दूर करने का सबसे बेहतरीन उपाय है, लेकिन काम वासना पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मिंट में मेंथोल होता है, जिससे कामोत्तेजना कम होती है।

रेड मीट का सेवन

वैसे तो रेड मीट प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है लेकिन रेड मीट का सेवन करने से न केवल पुरुष्‍ा बल्कि महिलाओं के सेक्‍सुअल स्‍वास्‍थ्‍य पर भी असर पड़ता है। यह मेल हार्मोन को कम कर देता है।

कॉफी

ज्यादा कॉफी पीना पुरुषों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अधिक सेवन से शरीर में तनाव उत्पन्न करने वाला हॉर्मोन कॉर्टिसॉल बनने लगता है। कैफीन की अधिक मात्रा से हार्मोन असन्तुलन और तनाव हो सकता है।

सोडा

सोडा और सुगंधित पेय पदार्थों के सेवन से वजन और मूड में भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है। इन पेय पदार्थों से मोटापा, दांतों में छेद, डायबिटीज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही, पुरुषों की सेक्स लाइफ पर भी इसका नेगेटिव प्रभाव पड़ता है।

चीज
अधिक वसा वाले पुरुषों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। चीज में बहुत अधिक फैट होता है। इन उत्पादों के ज्यादा सेवन से शरीर में जहरीले पदार्थ बनते हैं। साथ ही, ईस्ट्रोजेन, प्रोजेस्ट्रोन और टेस्टोस्ट्रोन जैसे हार्मोन्स के निर्माण में भी रूकावट आती है।

खराब क्वालिटी तेल
खराब क्वालिटी के तेल में बने पदार्थ फ्री रैडिकल उत्पन्न करते हैं, जो कि पुरुषों के शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं।





Saturday, 12 November 2016

Kab Kya Khay or Kab Kya Na Khaye

भोजन मानव को निरोगी भी रखता है और रोगी भी रखता है इसीलिए हिन्दू धर्म में योग और आयुर्वेद के नियमों पर चलने के धार्मिक नियम बनाए गए हैं। स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई बातों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। कब क्या चीज दिन में किस समय खानी चाहिए, इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए। कुछ खाद्य सामग्रियों में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, ऐसे में उन्हे खाली पेट खाना या पीना आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

1- सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए हल्का गर्म 2--पानी पीने का क्या तरीका होता है सिप सिप करके व नीचे बैठ कर
3 -खाना कितनी बार चबाना चाहिए 32 बार 4-- पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए सुबह 5--सुबह का खाना कब तक खा लेना चाहिए सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक 6--सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए जूस 7 -दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए लस्सी/छाछ 8 -रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए दूध 9 -खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए रात को 10 -लस्सी खाने के साथ कब पीनि चाहिए दोपहर को 11 सुबह -खाने के साथ जूस कब लिया जा सकता है।
12 रात को-खाने के साथ दूध कब ले सकते है
13 -आईसक्रीम कब कहानी चाहिए कभी नही 14- फ्रीज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद कहानी चाहिए 1 घण्टे बाद 15-क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए नही 16 -बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा लेना चाहिए  40 मिनट
17--रात को कितना खाना खाना चाहिए न के बराबर 18 -रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए सूरज छिपने से पहले 19 -पानी खाना खाने से कितने समय पहले पी सकते हैं 48 मिनट 20-क्या रात को लस्सी पी सकते हैं नही  21 -सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए  काम 22 -दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए आराम23 -रात को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए 500 कदम चलना चाहिए 24 -खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना चाहिए वज्र  आसन 25 -खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर करना चाहिए 5-10मिनट 26 -सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए मुंह की लार 27 -रात को किस समय तक सो जाना चाहिए  9-10बजे तक 28- तीन जहर के नाम बताओ चीनी मैदा  सफेद नमक 29 -दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना चाहिए अजवायन 30 -क्या रात को सलाद खानी चाहिए नहीं 31 -खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए नीचे बैठकर व खूब चबाकर 32 -क्या विदेशी समान खरीदना चाहिए कभी नही 33 -चाय कब पीनी चाहिए कभी नहीं 34- दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए हल्दी 35--दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए। कैंसर ना हो इसलिए 36 -कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है आयुर्वेद 37 -सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे) 38--ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए  जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु) 39 -मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए  उमार्च से जून (गर्मियों में) 40 -सुबह का पानी कितना पीना चाहिए कम से कम 2-3गिलास  41 -सुबह कब उठना चाहिए सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले।